समाचार प्रबंधन तंत्र – स्रोत और विश्वासनीयता

पत्रकारिता में दिनों दिन कई गलत प्रचलन सामने आ रहे हैं, फेक खबरों का मायाजाल कैसे जनता को उकसाने और बहकाने का काम करता है अपने देखा होगा. मीडिया संस्थान खबर तक पहुंचना नहीं चाहते, जल्दबाज़ी के चक्कर में पहले खबरे चलाते हैं, फिर उसी खबर का फैक्ट चेक करते हैं. खबरों को गैर-जरूरी तरीके से संपादित करना संस्थानों का नियम बन चुका है. कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं और खबरें जनता तक को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सामने लाना ही नहीं चाहते.

समाचार स्रोत:

हम समाचार के सभी आयामों को जिम्मेदारी से पूरा करने के लिए सभी जगह स्थानीय रिपोर्टरों को नियुक्त किया है. हमारे रिपोर्टर किसी भी समाचार की पुष्टि के सबसे पहले घटनाक्रम को बारीकी से परखते हैं. रिपोर्टर उस खबर से सम्बंधित विभागों से इसकी जानकारी कर परखते हैं. हम पुलिस विभाग के जन संपर्क अधिकारियों , जिला सूचना विभाग से भी खबरों को जांचते हैं. हम रिपोर्टरों के स्थानीय स्तर पर तहक़ीक़ करने के बाद ही खबरों को स्थान देते हैं.
हमारा नेटवर्क पूरे देश के सभी क्षेत्रों में फैला हुआ है. क्योंकि हम उच्च-गुणवत्ता, तथ्यपरक और सार्थक पत्रकारिता करने में विश्वास करते हैं. हमारी टीम स्टोरी टेलर्स, संपादकों, निर्माताओं, डिजाइनरों, विश्लेषकों और पत्रकारों की एक सामूहिक टीम है. व्यवस्थित ढंग से खबरों को जनता तक पहुंचना इस टीम का काम होता है.

हमारे समाचार स्रोत के मुख्य बिंदु-

• स्थानीय स्तर पर रिपोर्टरों का जनता से सीधे संपर्क
• विभिन्न विभागों के जन संपर्क अधिकारियों से बातचीत
• जन सूचना अधिकारियों और कार्यालयों से संवाद
• प्रेस विज्ञप्तियों का समुचित विश्लेषण और मूल्यांकन
• जन प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय नेताओं की प्रेस वार्ता का अध्ययन
• सरकार के आदेशों और कानूनों की विवेचना
• समाचार एजेंसियों और मीडिया संस्थानों के साथ साझा सहयोग
• जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी